
बीकानेर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को बीकानेर केंद्रीय जेल से धमकी मिलने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जेल प्रशासन की लापरवाही सामने आने के बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपकारापाल जेल कमरिया विजय मीना, जगदीश प्रसाद, अनिल मीना और जयसिंह शामिल हैं। इनका मुख्यालय निलंबन काल के दौरान श्रीगंगानगर रहेगा।
जेलों में बढ़ती सुरक्षा चूक को लेकर जेल एडीजीपी रूपिंदर सिंह ने बीकानेर पहुंचकर केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि एक पुलिसकर्मी की संदिग्ध भूमिका सामने आई है, जबकि आरोपी को मोबाइल और सिम उपलब्ध कराने में भी लापरवाही हुई। उन्होंने जेलों में सघन तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए और बताया कि आने वाले समय में 800 जेल प्रहरियों की भर्ती की जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। फिलहाल होमगार्ड और अन्य सुरक्षाकर्मियों की मदद ली जा रही है।
इस दौरान जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल और बीछवाल थानाधिकारी गोविंद सिंह भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि सीएम को धमकी मिलने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई थी। इसके बाद जेल में तलाशी अभियान चलाकर आरोपी कैदी आदिल को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके पास से मोबाइल भी बरामद हुआ। जेल अधीक्षक मालीवाल ने बताया कि आदिल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह पहले भी आत्महत्या की कोशिश कर चुका है। उसे पाली से बीकानेर जेल में शिफ्ट किया गया था।
जेल से राजनेताओं और व्यापारियों को किए गए फोन कॉल इस बात की ओर इशारा करते हैं कि जेल में अपराधियों और बाहरी तत्वों के बीच मजबूत गठजोड़ बना हुआ है, जिसमें पुलिस और जेल प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।